Month: February 2015

NAZAR

नजरंदाज उन्हें करू जो नजर के सामने हो,

उनका क्या करू, जो दिल में बस गए है…

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BARISH

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पे,

ख्वाहिशे सुखती रही और पलके भीगती रही..

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NAZRON

उनकी नज़रों में फ़र्क़ अब भी नहीं,

पहले मुड़ के देखते थे,और अब देख के मुड़ जाते है

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ZINDAGI

उल्फ़त, मोहब्बत, ग़म, अश्क, बेवफ़ा, अफ़साने…

शायद वो आयी थी जिंदगी में सिर्फ ऊर्दू सिखाने।

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HADSE

घर से निकलो तो पता जेब में रखकर निकलो,

हादसे इन्सान की पहचान तक मिटा देते है ।

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RISHTA

कैसा अनोखा रिश्ता है..

दिल धोके में है और धोकेबाज़ दिल में!!

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IBADAT

मुझे तो उन की इबादत पे रहम आता है,

जबीं के साथ जो सज्दे में दिल झुका न सके!

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QABAR

कब्र की मिट्टी हाथ में लिए सोच रहा हूं,

लोग मरते हैं तो गुरूर कहाँ जाता है?!

HAWAON

सिर्फ हवाओं पे शक ना कर,

चिराग़ खुद भी तो जल जल के थक गया होगा…

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ISHQ

इश्क ‘महसूस’ करना भी …इबादत से कम नहीं,

ज़रा बताइये… ‘छू कर’ खुदा को किसने देखा है..

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KHWAHISHEIN

वो बेपरवाह बचपन, वो छोटी छोटी ख्वाहिशें..

बस हंसी और सिर्फ हंसी, कितने रईस थे हम..

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WAQT

यहाँ हजारों शायर हैं जो तख़्त बदलने निकले हैं,

कुछ मेरे जैसे पागल हैं जो वक़्त बदलने निकले हैं..!

 

Aankhon ki gali

Aankhon ki gali mein koi awaara sa aansu,

Palkon se tere ghar ka pata pooch raha hai…

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CHIRAG

ये चिराग़-ए-जान भी अजीब है के जला हुआ है अभी तलक,

तेरी बेवफाई की आँधियाँ तो कभी की आ के गुज़र गईं

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CHAND LAMHE

चन्द लम्हें जो गुज़ार आया हूँ अंजानो के साथ,

दिल नहीं लगता मेरा अब जाने पहचानों के साथ…

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DIL

दिल भी कमाल करता है,

जब खाली होता है , भर आता है!